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दिल्‍ली-एनसीआर को एक ही दिन में मिला पीएम की तरफ से दो बड़ी सौगात

पीएम मोदी द्वारा कल दो महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं (दिल्ली-मेरठ एंव ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे’ (ईपीई) लोकार्पण किया गया| 11,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे देश का पहला स्मार्ट और हरित राजमार्ग है|

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को 7,500 करोड़ रुपए की लागत से बने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इससे दिल्ली से मेरठ की यात्रा के समय में खासी कमी आएगी। दिल्ली के सराय काले खान से यूपी गेट तक फैले इस 14 लेन के राजमार्ग का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री एक खुली कार में सवार हुए और राजमार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में एकत्र लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी एक अलग खुली कार में मोदी के साथ चल रहे थे।

यह रोड शो निजामुद्दीन पुल से शुरू हुआ। यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के करीब नौ किलोमीटर लंबे पहले चरण का शुरूआती हिस्सा है। इस मार्ग पर छह किलोमीटर चलने के बाद मोदी उत्तर प्रदेश के बागपत पहुंचे जहां उन्‍होंने देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली के अंदर आज जितनी गाड़ियां पहुंचती हैं, उसमें से अब लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ जाएगी। ना सिर्फ बड़ी गाड़ियां और ट्रक बल्कि 50 हज़ार से अधिक कारों को भी अब दिल्ली शहर के अंदर एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऐसी व्यवस्था बनाई गई है।

कैसा है दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे?

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से डासना के बीच करीब 28 किलोमीटर मार्ग पर एक साइकिल ट्रैक बनाया गया है। इस एक्सप्रेसवे की वजह से दिल्ली से मेरठ की यात्रा का समय घटकर 45 मिनट रह जाएगा। अभी इसमें करीब ढाई घंटे का समय लगता है। इस परियोजना की पूरी लंबाई 82 किलोमीटर है। इसमें से 27.74 किलोमीटर हिस्सा 14 लेन का होगा, जबकि शेष एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा।

इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ रोड पर 31 ट्रैफिक सिग्नल हट जाएंगे। यह सिग्लन या लालबत्ती मुक्त क्षेत्र हो जाएगा। यह इस इलाके का सबसे व्यस्त मार्ग है। मोदी ने दिसंबर 2015 में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। इसके निर्माण की लागत 7,566 करोड़ रुपए थी।

इस परियोजना का निर्माण चार खंडों-निजामुद्दीन पुल से यूबी बॉर्डर, यूपी बॉर्डर से डासना, डासना से हापुड़ और हापुड़ से मेरठ-में किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर डासना-हापुड़ के 22 किलोमीटर के खंड को छह लेन का करने पर 1,122 करोड़ रुपये की लागत आई है।

ये हैं ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे की खासियतें:

1) 135 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे गाजियाबाद, फरीदाबाद, पलवल और ग्रेटर नोएडा के बीच सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा|

2) इस एक्सप्रेस-वे पर लाइटिंग की पूरी सुविधा सोलर पैनल के जरिए की जाएगी| यही नहीं इसका दृश्य भी बेहद सुंदर होगा क्योंकि इस एक्सप्रेस-वे के किनारों पर तकरीबन 2.5 लाख पेड़ लगाए जाएंगे|

3) अब तक यूपी से हरियाणा और हरियाणा से यूपी जाने वाले तकरीबन दो लाख वाहन प्रतिदिन दिल्ली से होकर सफर करते थे| इसके शुरू होने पर ये वाहन दिल्ली को बाईपास कर निकलेंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी|

4) नेशनल एक्सप्रेस-वे 2 कहे जाने वाले इस मार्ग पर पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया, होटल, रेस्तरां, दुकानों और रिपेयर सर्विसेज की सुविधा उपलब्ध रहेगी|

5) हर 500 मीटर की दूरी पर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था होगी. ड्रिप इरिगेशन की तकनीक के चलते इस पानी से ही पेड़ों की सिंचाई भी होगी|

6) स्वच्छ भारत मिशन को ध्यान में रखते हुए हर 2.5 किलोमीटर की दूरी पर टॉयलेट्स बनाए गए हैं| इस पूरे मार्ग पर 6 इंटरचेंज, 4 फ्लाईओवर, 71 अंडरपास और 6 आरओबी हैं. इसके अलावा यमुना और हिंडन पर दो बड़े पुल हैं|

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